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संगम तट पर बसा, तंबुओं का शहर

Posted On: 31 Jan, 2017 में

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संगम तट पर बसा, तंबुओं का शहर
इलाहाबाद को पुराणों में ईश्वर का शहर कहा गया है यहाँ प्रत्येक 12वें वर्ष कुम्भ मेला तथा प्रत्येक 6वें वर्ष अर्ध्द कुम्भ मेला लगता है। परन्तु यहाँ प्रत्येक वर्ष पूरे माघ महीना हिन्दूओं का सर्वाधिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेला है। यहाँ देश-विदेश से साधु सन्यासी यहां माघ मेले में दिक्षा ग्रहण करने आते हैं।
कब बसता है यह तम्बुओं का शहर-
हिन्दू पंचांग के अनुसार 14 या 15 जनवरी को मकर संक्राति के दिन से पूरे साघ महीने यह मेला लगता है।
इस वर्ष इस मेले का प्रारम्भ 12 जनवरी को पौष पूर्णिमा से प्रारम्भ हो रहा है।
क्या है कल्पवास-
माघ मेले मे कल्पवास का अर्थ है पूरे महीने ईश्वर की स्तुति अपने पारिवारिक जीवन को छोड़कर यहाँ भजन-कीर्तन करतें हैं। यहाँ शिविर पूजन के साथ ही शिविरों में सन्तों के प्रवचन का सिलसिला पौष पूर्णिमा से शुरु हो जाता है। इस साल माघ मेला संत-महात्मा पौष –पूर्णिमा का स्नान करने हेतु अपने शिविरों में आ गये है।
कैसी होती है मेले की सुरक्षा-
माघ मेले का दौरान लगभग करोड़ो की संख्या में श्रदालु यहाँ स्नान हेतु आते हैं इनकी सुरक्षा हेतु प्रशासन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करती हैं। सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन कैमरे की मदद से सुरक्षा के व्यापक व्यवस्था होती हैं। कुम्भ मेला के दौरान तो यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था सैटेलाइट के माध्यम से की जाती है।
क्या है इस साल स्नानार्थियों हेतु व्यवस्था-
स्नानार्थियों के लिए 17 घाट बनाये गयें है। इनकी लम्बाई 8250 रनिंग फीट है जबकि पिछली साल घाटों के लिए 7260 रंनिग फीट जगह ही मिली थी। मेला क्षेत्र में श्रध्दालुओं को शित लहर से बचाने के लिए परेड मैरान पर 450 टेंट का रैन बसेरा बनाया गया हैं। साथ ही अलाव के लिए 49 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था है।
श्रध्दालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हिए 20-20 बेड के दो अस्तपतालों और 10 प्राथमिक उपचार केन्द्रों की व्यवस्था की गई है। कई साध-सन्त और कल्पवासी ऐलोपैथिक दवा का सेवन नही करते हैं उनकी सुविथा के लिए तीन आयुर्वेदिक एंव तीन होम्योपैथिक चिकित्सालयों की स्थापना की गई है।
कैसे पहुँचे माघ मेला-
इलाहाबाद शहर सड़क,रेल तथा वायु तीनों मार्गों से जुड़ा हुआ है। यहाँ से 90 किमी दूर वाराणसी का बाबतपुर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे द्वारा भी जुड़ा है। माघ मेला इलाहाबाद के मुख्य रेलवे जंक्शन से मात्र 5 किमी की दूरी पर है जहाँ से आप 24 घंटे ऑटो या रिक्शे से पहुँच सकते हैं।

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